सिस्टम सड़ा हुआ होगा, तो मक्खियाँ तो आएँगी ही!

जब व्यवस्था की गंदगी पर सवाल उठते हैं, तो कभी कॉकरोच और कभी मक्खी जैसे शब्द चर्चा में आ जाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि अगर सिस्टम में गंदगी है, तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है?

मक्खियाँ गंदगी के आसपास जरूर दिखाई देती हैं, लेकिन गंदगी पैदा करने वाली व्यवस्था पर सवाल उठाना भी जरूरी है। व्यंग्य अपनी जगह है, मगर असली मुद्दा व्यवस्था की सफाई, जवाबदेही और आम जनता की समस्याएँ हैं।

“व्यवस्था में गंदगी होगी, तो सवाल भी उठेंगे। नामों से नहीं, कामों से तय होगा कि सिस्टम कितना साफ है!”

🪰 मक्खी जनता पार्टी — गंदगी पर व्यंग्य, व्यवस्था पर सवाल।